क्या मोतियाबिंद बन सकता है अंधेपन का कारण? डॉक्टर से जानें, किन संकेतों से मोतियाबिंद की पहचान की जा सकती है?

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आंखों से जुड़ी ऐसी कई समस्याएं हैं, जिन से लोग हद से ज्यादा परेशान रहते हैं। इस में मोतियाबिंद जैसी समस्या भी शामिल है। इस समस्या के विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें आंखों में चोट लगना, काफी लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन करना, मधुमेह जैसी समस्या होना शामिल है। इस समस्या की पहचान करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, अगर यह समस्या एक व्यक्ति को लंबे तक परेशान करे, तो ऐसे में उस व्यक्ति का अच्छे तरीके से किसी भी चीज को देख पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो सकता है। समय रहते इस समस्या का इलाज बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि यह समस्या समय के साथ अंधेपन का कारण भी बन सकती है। इसलिए, सावधानी बरतना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि मोतियाबिंद की समस्या ज्यादातर बढ़ती उम्र वाले लोगों को ही परेशान करती है। पर आज यह समस्या कम कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल सकती. है। दरअसल, इस समस्या के कारण व्यक्ति की नजर काफी ज्यादा कमजोर हो जाती है, जिससे उसको देखने में काफी ज्यादा दिक्कत महसूस हो सकती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हमारी आंखों के अंदर एक प्राकृतिक लेंस होता है, जिसके धुंधले होने पर मोतियाबिंद विकसित होने लगता है।

दरअसल, आंख में रोशनी लेंस के माध्यम से अंदर जाती है और यह जानकारी रेटिना से दिमाग तक जाती है, ताकि हमें पता चले कि हम क्या देख रहे हैं। आइरिस के पीछे के लेंस का निर्माण प्रोटीन से होता है, जो उम्र बढ़ने की वजह से बदलने लगता है और इसके कारण ही एक व्यक्ति को देखन में काफी ज्यादा दिक्क्त महसूस होने लग जाती है। मोतियाबिंद की शुरुआत में नजर से जुड़ी समस्याएं काफी कम होती है, पर ज्यादा समय होने पर नजर की हानि भी हो सकती है। इसलिए अगर इस समस्या की शुरुआत में आपको नजर से जुड़ी किस भी तरह की समस्या हो रही है, तो इसे चश्मा पहनकर भी ठीक किया जा सकता है। मोतियाबिंद में होने वाली बढ़ोतरी के कारण व्यक्ति को रात में गाड़ी चलाने में काफी दिक्क्त हो सकती है और साफ़ देखने में काफी मुश्किल आ सकती है। इस समस्या से बचने के लिए आप इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान करके समय पर इलाज करवा सकती है। आइये इस लेख के जरिए इसके बारे में इसके डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

संकेत जिन से मोतियाबिंद की पहचान की जा सकती है!

दरअसल, निम्नलिखित संकेतों से मोतियाबिंद की पहचान की जा सकती है, जैसे कि

धुंधला दिखाई देना

किसी भी दूर रखी चीज को देखते वक्त धुंधलापन महसूस होना मोतियाबिंद का सबसे आम संकेत होता है। दरअसल, मोतियाबिंद की स्थिति बिगड़ने पर काफी कम रोशनी रेटिना तक पहुंचती है, जिसकी वजह से पीड़ित लोगों को रात में साफ देखने और गाड़ी चलाने में काफी ज्यादा दिक्क्त महसूस हो सकती है।

दोहरी दृष्टि होना

दरअसल, मोतियाबिंद की वजह से कभी-कभी एक आँख से देखने पर भी डबल दिखाई दे सकता है। इसी तरह जो व्यक्ति मोतियाबिंद जैसी समस्या से पीड़ित होता है उसकी सिर्फ एक आँख खुली होने पर भी उसको छवियां दोहरी दिखाई दे सकती है।

रंगों में बदलाव होना

रंगों की दृष्टि में बदलाव मोतियाबिंद का संकेत हो सकता है, इसमें आपको कुछ रंग फीके नजर आ सकते हैं और नजर भूरी या फिर पीली हो सकती है। आपको यह लक्षण पहले आम लग सकता है, पर समय बीतने पर आपको नीले और बैंगनी रंग के बीच अंतर करना काफी मुश्किल हो सकता है।

चश्मे और लेंस के नंबर में बदलाव होना

अगर आपको अपने चश्मे या फिर कांटेक्ट लेंस के नंबर में बार-बार कोई न कोई बदलाव देखने को मिल रहा है, तो यह मोतियाबिंद का संकेत हो सकता है। दरअसल, ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि मोतियाबिंद में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है।

निष्कर्ष:

मोतियाबिंद एक आम समस्या है, जो ज्यादातर बढ़ती उम्र के लोगों को परेशान करती है। आंखों के अंदर एक प्राकृतिक लेंस होता है और जब यह लेंस धुंधला हो जाता है, तो मोतियाबिंद का निर्माण होता है। मोतियाबिंद की शुरुआत में नजर कमजोर हो सकती है, जिससे काफी परेशानी हो सकती है। समस्या के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न देने पर या फिर समस्या को ज्यादा वक्त होने पर यह अंधेपन का कारण भी बन सकती है। हालांकि, समस्या की शुरुआत में नजर को होने वाले नुकसान को घर के अंदर की रौशनी या फिर चश्मा बदलकर किया जा सकता है। मोतियाबिंद के कारण आंखों के अंदर मौजूद लेंस प्रोटीन को बदलता रहता है, जिससे स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। धुंधला दिखाई देना, ज्यादा रोशनी होना, दोहरी दृष्टि होना, चश्मे और लेंस के नंबर में बदलाव होना और रंगों में बदलाव महसूस होना जैसे लक्षण मोतियाबिंद के होते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होते ही आपको बिना कोई देर किए तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही सवेरा हॉस्पिटल के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. क्या बढ़ती हुई उम्र के कारण मोतियाबिंद होता है?

दरअसल, हाँ मोतियाबिंद होने का प्रमुख कारण उम्र में होने वाली बढ़ोतरी होती है।

प्रश्न 2. क्या मोतियाबिंद से आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है?

दरअसल, हाँ जो लोग मोतियाबिंद जैसी समस्या से पीड़ित होते हैं और वक्त रहते अपना इलाज नहीं करवाते हैं, दरअसल उन लोगों की आखों की रौशनी बुरी तरीक से प्रभावित हो सकती है।

प्रश्न 3. मोतियाबिंद होने के क्या कारण हो सकते हैं?

दरअसल, आंखों में मोतियाबिंद विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें आंखों में चोट लगना, काफी लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन करना, मधुमेह जैसी समस्या होना और ज्यादातर धूप में पराबैंगनी किरणों के संपर्क में रहना जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं।

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