आखिर किन लोगों को रहता है ग्लूकोमा का अधिक खतरा? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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आंखों से जुड़ी समस्या आज सभी लोगों को बुरी तरीके से प्रभावित कर रही है। इससे न केवल आपकी दिनचर्या प्रभावित होती है, बल्कि काम करने की गति भी कम हो जाती है। जीवनशैली को बेहतर बनाये रखें एक लिए आंखों का सेहतमंद होना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती है और इन्ही में से एक है ग्लूकोमा। दरअसल, यह आंखों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जो आंखों की रोशनी को पूरी तरीके से प्रभावित कर देती है। आम तौर पर, ग्लूकोमा को एक साइलेंट विजन थीफ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण न के बराबर होते हैं, जो धीरे-धीरे आंखों की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाते हैं। दरअसल, जब तक किसी व्यक्ति को नजर के नुकसान के बारे में पता चलता है, तब तक नजर को हुआ नुकसान काफी ज्यादा और ठीक न होने वाला हो चुका होता है। दरअसल, ग्लूकोमा की समस्या का निर्माण तब होता है, जब एक व्यक्ति की आंखों के अंदर का दबाव काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में, ऑप्टिक नर्व को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है, जिससे नजर के नुकसान का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ग्लूकोमा वैसे तो किसी भी व्यक्ति को कभी भी प्रभावित कर सकती है, पर हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड की समस्या, आंखों का चश्मा माइनस में होना और फैमिली हिस्ट्री रखने वाले लोगों को इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है। यह समस्या धीरे धीरे आंखों को प्रभावित करती है, इसलिए इस समस्या का पता चलते ही आपको तुरंत पाने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर पता चलने के बावजूद भी इस समस्या को नजरअंदाज किया जाए, तो यह अंधापन का कारण बन सकती है। इसलिए, इस समस्या का समय पर इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इसके डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।

किन लोगों को ग्लूकोमा का खतरा अधिक होता है?

आम तौर पर, निम्नलिखित समस्याओं से पीड़ित लोगों को ग्लूकोमा का खतरा अधिक हो सकता है, जैसे

1. डायबिटीज से पीड़ित मरीज

दरअसल, जो लोग डायबिटीज जैसी समस्या से पीड़ित रहते हैं, उन लोगों में ग्लूकोमा जैसी समस्या का खतरा अधिक देखा जाता है। आम तौर पर, हाई ब्लड शुगर की समस्या आंखों की रक्त वाहिकाओं को बुरी तरीके से प्रभावित करती है, जिससे आंखों के अंदर दबाव काफी ज्यादा बढ़ जाता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित होता है, तो उसको आंखों से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन समस्याओं में ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी भी शामिल है, जो न केवल आंखों को प्रभावित करती है, बल्कि ध्यान न देने पर अंधापन का कारण भी बन सकती है। इसलिए, डायबिटीज जैसी समस्या से पीड़ित मरीजों को अपनी आंखों का नियमित चेकअप करवाते रहना चाहिए। इससे ग्लूकोमा जैसी समस्या से बचा जा सकता है।

2. लोगों की आंखों का चश्मा माइनस में होना

आज हर कोई नजर कम होने की समस्या का शिकार है और जिन लोगों के आंखों का नंबर माइनस में होता है, मतलब कि जिनको निकट दृष्टि दोष होता है, उनको भी ग्लूकोमा का खतरा अधिक होता है। ऐसे में, आपकी ऑप्टिक नर्व पर काफी दबाव पड़ सकता है, इसलिए नियमित चेकअप जरूरी होता है।

निष्कर्ष: बेशक, ग्लूकोमा आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जो किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। इसे साइलेंट विजन थीफ भी कहा जाता है, जो शुरुआत में बिना किसी लक्षण के ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाता है। और अगर सही समय पर इलाज न होने पर, आंखों की रोशनी पूरी तरीके से जा सकती है। वैसे तो, सभी लोग इस समस्या की चपेट में आ जाते हैं, पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड की समस्या, आंखों का चश्मा माइनस में होना और फैमिली हिस्ट्री रखने वाले लोगों को इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ग्लूकोमा जैसी समस्या से अपनी आंखों को बचाने के लिए इन का नियमित रूप से चेकअप होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अगर आपको भी आंखों में दर्द, धुंधलापन, जलन और सिर दर्द जैसे कुछ लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको इस दौरान बिना कोई देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस समस्या को हल्के में न लें, पता चलते ही डॉक्टर से जरूर मिलें। इसके बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही सवेरा हॉस्पिटल में जाकर इस के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. ग्लूकोमा को साइलेंट विजन थीफ क्यों कहा जाता है?

ग्लूकोमा जिसे काला मोतिया के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, हाँ इसे एक साइलेंट विजन थीफ कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसका कोई भी लक्षण नजर नहीं आता और न ही यह किसी प्रकार का दर्द करता है, पर धीरे-धीरे ऑप्टिक नर्व को नुक्सान पहुँचाता रहता है। दरअसल, जब तक किसी व्यक्ति को नजर के नुकसान के बारे में पता चलता है, तब तक नजर को हुआ नुकसान काफी ज्यादा और ठीक न होने वाला हो चुका होता है।

प्रश्न 2. क्या ग्लूकोमा वाकई एक गंभीर बीमारी है?

दरअसल, हाँ ग्लूकोमा एक गंभीर आँखों की बीमारी है, जिसमें आँखों की रौशनी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। इसे अक्सर, नजर का चुप चोर कहा जाता है, जो आंख के अंदर बढ़ने वाले दबाव की वजह से ऑप्टिक तंत्रिका को स्थायी नुक्सान पहुँचता है। नजरअंदाज करने पर यह अंधापन का कारण भी बन सकता है।

प्रश्न 3. किन लोगों को ग्लूकोमा ज्यादा परेशान करता है?

वास्तव में, ग्लूकोमा 40 साल से भी ज्यादा उम्र के लोगों को, मधुमेह या फिर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित लोगों को और परिवार में पहले से ही इस समस्या से पीड़ित लोगों को यह समास्या बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकती है।

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